अंतरजाल में KISS का आतंक

एक बहुत बड़ी दुर्घटना इसी ८ तारीख को हुई. हुआ यों कि हमारे मेल बॉक्स में (जी मेल) प्यारी भतीजी, वही “ज़ीरो फिगर” वाली का एक मेल दिखा. सब्जेक्ट में लिखा था “आई हॅव सेंट यू ए बिग किस”.  हमने सोचा भी इस लड़की को क्या हो गया है. फिर अपने आप को समझा लिया, “इलू इलू” तो किया ही करते थे. अब तरक्की कर ली और “किस” पर उतर आई है. जमाना नया है. हम ने भी बदल जाने में ही अपना हित समझा. बगैर ज़्यादा सर खपाए हमने मेल खोल ली. “हाँ” और “ना” का विकल्प एक डब्बे से झाँक रहा था. हमने “हाँ” में क्लिक भी कर दी. आगे और भी कुछ विकल्प आ रहे थे. हमने कोई भी विकल्प ना चुनते हुए मेल को डिलीट कर दिया. बात आई गयी हो गयी.

दूसरे दिन, हमें हमारे एक मित्र टॉम बेकर, जो एडिनबर्ग में रहते हैं, का एक मेल मिला. लिखा था:

“Thanks for the big kiss greeting! I didn’t reply through that service as I’m trying to keep my social-networking-communications down to as few portals as possible. It’s easy to get swamped with too much technology”

इसे पढ़कर हमारा माथा ठनका. हमने तो उसे मेल भेजा ही नहीं था. फिर वो भतीजी वाला मेल याद आया जिसे हमने खोल लिया था. समझ में आ गया कि वह निरापद नहीं था. उस मेल में ही एक दुष्ट प्रोग्राम निहित था. एक प्रकार का वायरस. उसने हमारे मेल बॉक्स के अंदर जितने भी पते रहे होंगे उन सबको हमारी ओर से “बिग किस” भेज दिया होगा. इस विचार से ही हमें बड़ी आत्म ग्लानि हुई. अब भगवान क्या जाने, हमे ही पता है कि कितनी सारी बलॉगर बहनों को ऐसी मेल पहुँची होगी. हमारी प्रतिष्‍ठा तो गयी पातालकोट. उन सब से हम सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करते हैं.

एक बलॉगर मित्र से भी ऐसा ही मेल प्राप्त हुआ है पर हमें समझ आ गयी थी इसलिए डिलीट कर दिया. सभी बलॉगर बंधुओं एवं बहनों से भी अपेक्षा है कि वे इस प्रकार के मेल आने पर सावधानी बरतें. अभी कुछ महीने तो अंतरजाल में “किस” का आतंक बना रहेगा.

पुनः क्षमा याचनाओं सहित….

22 Responses to “अंतरजाल में KISS का आतंक”

  1. Anil Kala Says:

    जी हाँ ! वह मेल हमें भी मिला था. पहले तो मैंने सोचा के सुब्रमणियन जी सठिया तो नही गए हैं फिर तुरन्त ही ख़याल आया के ये कोई वायरस की शरारत है…..

  2. anil pusadkar Says:

    वही मैं सोचूं आप तो ऐसे ना थे।

  3. कविता वाचक्नवी Says:

    बहुत पतों से बहुतों के पास आया था, स्वाभाविक है कि हमारी चिट्ठियों में भी ढेरों आ रहे हैं, आए हैं। पर हम तो कोई भी ऐसे वैसे विषय का या व्यक्ति का कोई मेल देखते ही नहीं, क्लिक करना तो दूर की बात है।
    अब आपके खाते से कितनों को गए और अग्रेषित हुए,यह तो भगवान् जाने। अपनी ओर से अब हम पातालकोट तक तो जाकर पता लगाने से रहे, कि किस किस ने अपने आईडी को स्पैम का माध्यम बनाया।

  4. प्रमोद सिंह Says:

    किस पाऊं नहीं, यूं ही जी जलाऊं?

  5. GK Awadhiya Says:

    के विषय में जानकारी देकर आपने बहुत अच्छा किया है। अब जिनके पास ये मेल अब तक नहीं आया है वे कम से कम सावधान तो रहेंगे।

  6. ताऊ रामपुरिया Says:

    हमारे साथ आपने ये भेद भाव क्यों किया ? हमको अभी तक बिग किस नही मिला !🙂

  7. संजय बेंगाणी Says:

    अब तो विषय देख कर ही समझ आ जाता है की स्पैम है अतः ऐसे पत्र रद्दी में डाल दिये जाते है.

  8. ravi Says:

    किस? अंतरजाल में हाई5, सिलिकॉन इंडिया इत्यादि इत्यादि न जाने कितने आतंक घूम रहे है…

  9. vidhu Says:

    आया था, पर खाद के गड्ढे मैं डाल दिया….

  10. Sameer Lal Says:

    वही तो मैं चिन्तित हो उठा कि यह हमारे सुब्रमणियन साः कौन सी लाईन पर चल पड़े हैं..हा हा!!! 🙂

  11. seema gupta Says:

    ” oh ya i too received that mail couples of day back and i was rather shocked to see it, but ….thought may be by mistake… any way its ok now..”

    regards

  12. tanu Says:

    even i was shocked…..!!!

  13. Gagan Sharma Says:

    खोलत-खोलत मेल को, सुब्रमणियन भाई भए सुजान.

  14. naresh singh Says:

    अपना तो कबाडा हो गया है । मै ने तो इसे खोल भी लिया था निकला कुछ नही लेकिन अब इस पोस्ट को पढके समझ मे आ रहा है कितना नुकसान हुआ है । आपके इस चिठे के माध्यम से मै भी सभी प्राप्त कर्ताओं से माफ़ी मांगता हू।

  15. सुनीता शानू Says:

    अरे बाबा आज ही आपका ब्लॉग पढ़ा यहाँ भी बिग किस का आतंक छाया है, बस एक बात समझ नही आई आपने क्या देखने के लिये उसे क्लिक किया और क्लिक पर क्लिक करते ही चले गये…:)

  16. Prashant Says:

    pahle hame bhejo tab ham aapko bhejenge..😉

    vaise social networking vaalon ke ye chonchalon se bahut pahle se bache phir rahe hain..🙂 achchha kiya ki sabhi ko bata diya aapne..

  17. सतीश पंचम Says:

    मेरे पास भी वह मेल आया था, देखते ही समझ गया था स्पैम मेल है। अच्छा हुआ आपने पोस्ट लिखकर सभी को बता दिया वरना न जाने लोग किन-किन गलतफहमीयों में पडे रहते।

  18. राज भाटिया Says:

    जिस मेल( ई मेल) पर थोडा भी शक हो मत खोले, पहले फ़ोन कर के पुछ ले, हमारे मित्र जोशी जी को भी ऎसा ही एक मेल आया, उन्होने उसे खोला, थोडा पढा, फ़िर बन्द कर दिया, दो दिनो बाद हमे उन के बहुत से मेल आये पहला मेल जिस मे उन्होने लिखा I Love you मेने उन्हे झट से फ़ोन कर के पुछा भाई क्या इरादे है, तो उन्होने बताया कि उन के नाम से कोई सब को( उन की आड्रेस बुक्क) मे जितने भी पते थे) मेल जा रहे है, ओर हम समझ गये, ओर उन्हे बताया कि सब को फ़ोन कर के मना कर दो, ओर अपना पी सी दोबारा इन्स्टाल करो.
    थोडा बच कर.
    धन्यवाद

  19. Brijmohanshrivastava Says:

    साहब आपने बहुत अच्छा किया यह बतला कर /किसी दूसरे के साथ भी ऐसी ही बात घटित हो तो वह असलियत समझ जायेगा /

  20. Ratan Singh Says:

    मेरे पास भी मेरी ही ई-मेल आई डी से मेल आ रहें है लेकिन मै भी इन्हें नही पढता | इस तरह की मेल से सावधानी बहुत जरुरी है |

  21. Gagan Sharma Says:

    सुब्रमणियन जी,
    नमस्कार।
    आपका मेल पढ कर एक बार तो मेरी समझ में कुछ नहीं आया। मुझे लगा कि कोई गलतफहमी हो गयी है, और आप किसी बात पर नाराज हो गये हैं। पर मैं अपनी तरफ से ऐसी कोई बात या भाषा का उपयोग नहीं करता जो सामने वाले का दिल दुखाये। पर दो-तीन बार आपकी मेल पढने के बाद सारी बात समझ में आ गयी।
    मेरी टिप्पणी का अर्थ सिर्फ इतना था कि — ई-मेल खोलते-खोलते सुब्रमणियम जी होशियार हो गये हैं।
    कष्ट के लिये क्षमा चाहता हूं।

  22. Sanjay Uchcharia Says:

    Thanks, I am lucky one who wrote this situation; i’ve never faced this problem and hope will be not, I will alert ahead.

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