मैने खोपड़ी जोड़ दी !

broken-skullएक दिन पिताश्री सोफे में बैठे बड़े मनोयोग से दैनिक समाचार पत्र का पठन कर रहे थे. उनकी बिटिया जो लगभग १० वर्ष की थी, अनेकों प्रश्न पूछ पूछ कर व्यवधान उत्पन्न कर रही थी. उन्होने समाचार पत्र को पलटा और अंतिम प्रिष्ठ में उन्हें कुछ दिखाई दे गया. बिटिया से कहा अच्छा बेटे एक काम कर, जा और कैंची ले आ. बिटिया पहले अपनी माँ के पास गयी और कैंची की माँग करने लगी. माँ ने कहा बेटा वहीं तो रखी है, ड्रेसिंग टेबल के दराज में. बिटिया ने कैंची निकाली और पिता के हाथों में सौंप दी.

पिता ने समाचार पत्र के अंतिम पन्ने का कुछ भाग काट लिया और अपनी बेटी को दिखाया. देखो यह क्या है. बेटी ने उत्तर दिया यह तो दुनिया का नक्शा बना है. पिता ने उसके चार छै टुकड़े कर दिए और उन टुकड़ों को देते हुए बेटी से कहा अब जाओ और इन्हे जोड़ कर फिर पूरा नक्शा बना लाओ. पिता ने सोचा  चलो शाम तक की फ़ुर्सत हो गयी.
बिटिया को इस तरह काम में लगा कर पुनः समाचार पत्र के पन्नों में डूब गये.
परंतु कुछ ही देर में बिटिया वापस आ गयी और कहा, मैने बना लिया.
पिता ने ध्यान से देखा, हाँ बन तो गया है, लेकिन तूने इतनी जल्दी किया कैसे.

बिटिया ने उस नक्शे का पिछला हिस्सा दिखाया और कहा, देखो यहाँ आदमी की खोपड़ी बनी है.

मैने खोपड़ी जोड़ दी.

सुनी सुनाई

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20 Responses to “मैने खोपड़ी जोड़ दी !”

  1. विवेक सिंह Says:

    बहुत बढिया रहा . इससे मुझे अपने बेटे को शांत करने का तरीका मिल गया . बहुत बोलता है .

  2. प्रमेन्‍द्र प्रताप सिंह Says:

    आज के बच्‍चे कुछ ज्‍यादा ही बुद्धिमान हो गये है, लगता है बदले भारत का असर है। बच्‍ची के उज्‍जवल भविष्‍य की कामनाऍं
    महाशक्ति

  3. seema gupta Says:

    ” दाद देने पडेगी उस बच्ची की होश्यारी की…कमाल ”

    Regards

  4. ताउ रामपुरिया Says:

    बहुत जोरदार आईडिया है ये तो ! धन्यवाद भूत को काबू करने की दवा बताने के लिये !

    राम रम !

  5. dhirusingh Says:

    चलिए अगली नस्ल खोपडी जोड़ कर ही कटती फटती दुनिया को एक तो करेगी ही .

  6. Ranjan Says:

    अच्छा आईडिया है.. और बच्ची कमाल है..

  7. विनय Says:

    याद नहीं आ रहा एक फ़िल्म में भी कुछ ऐसा ही वाक़िया था, पर बिटिया बुद्धिजीव है!

  8. Manish Kumar Says:

    mazedaar..

  9. ranju Says:

    बहुत ही अक्लमंद बच्ची है ..बहुत बढ़िया काम किया उसने

  10. ranjana Says:

    वाह ! यह भी खूब रही बच्चों से पार पाना आसान नही.

  11. Ratan Singh Says:

    बहुत बढिया

  12. विष्‍णु बैरागी Says:

    बच्‍ची ने ‘चाइल्‍ड इज फादर आफ द मेन’ वाली कहावत चरितार्थ कर दी । हम ध्‍यान रखेंगे कि दो तरफा चित्र न दे दिया जए ।

  13. गौतम राजरिशी Says:

    हा हा हा…..रोचक दास्तान

  14. राज भाटिया Says:

    बहुत खुब मजेदार.
    धन्यवाद

  15. common man Says:

    pichhli dono post padhi, bahut achcha likhte hain aap

  16. अनूप शुक्ल Says:

    व्हाट एन आईडिया सर जी!

  17. Amit Jha Says:

    बहुत हे बढ़िया रही…पढ़ कर मज़ा आ गया….

  18. naresh singh Says:

    बहुत खुब मजेदार. आपका हिन्दी लेखन आश्चर्य चकित करने वाला है । इस आईडिया के लिये, धन्यवाद ।

  19. K.P.Chauhan Says:

    काफ़ी अच्छा लेखन लगा.आपने ने एक बार मेरी स्टोरी “एक राजा की कहानी जो किसी ने न जानी” देखि थी. उसके कई पार्ट्स हैं.यह एक सच्ची कहानी है. सिर्फ़ सोच नई. मैं अभी भी इसे लिख रहा हूँ. कृपया उसे पढ़ कर अपने विचार बताईये. धन्यवाद.

  20. puja upadhyay Says:

    आज कल के बच्चे वाकई बड़े होशियार होते हैं…इन्हें किसी काम में उलझाना आसान नहीं. मनोरंजक कहानी है.

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