भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDA) : अंकों में अस्तित्व, अस्मिता और पहचान

आलेख: राहुल सिंह rahulsinghcg@gmail.com

‘मैं सोचता हूं, अतः मैं हूं।’ 17 वीं सदी में डेन्यूब के किनारे किसी सैन्य शिविर में युवा फौजी रेने देकार्त के चिंतन का परिणाम। यह वाक्य विधि स्नातक, गणितज्ञ देकार्त का दार्शनिक आधार पद बना और सोच की नई राहें खुलीं, जिनमें से एक 20 वीं सदी का अस्तित्ववादी चिंतन भी है। मनुष्य के अस्तित्व पर अलग ढंग से विचार होने लगा, वह खुद अस्मिता के लिए अधिक सचेत हुआ और उसकी पहचान सिर्फ अपने और गैर का मामला नहीं रह गया, बल्कि सार्वजनिक, सामाजिक और व्यवस्था की जरूरत बन गई।

अब दुनिया अंकों में तब्दील, डिजिटलाइज हो रही है। फूल का रंग, चिड़िया की उड़ान, स्वाद और महक का सोंधापन भी अंकों में बदल सकता दिख रहा है। विचार, शब्दों में बदलते हैं और शब्द अंकों में परिवर्तित हो रहे हैं। मूर्त और अमूर्त के बीच का रिश्ता भी भाषा और अंकों से ही जुड़ता है। ‘प्रेम’ का भाव शब्दों में अभिव्यक्त होता है और ढ़ाई के आंकड़े में भी। अंकों का यह सिलसिला आगे बढ़ा है, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के गठन और देश के प्रत्येक नागरिक को विशिष्ट पहचान संख्‍या देने की तैयारियों के साथ, जिसमें मतदाता परिचय पत्र के दौर को ध्यान में रखना आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति अमीर-गरीब, अगड़े-पिछड़े, सभी के लिए सामान्यतः जिन दैनंदिन और वैधानिक स्थितियों में आयु-जन्म तिथि की आवश्यकता होती है वे हैं- जन्म-मृत्यु पंजीयन, विवाह पंजीयन व आयु, बालिग-नाबालिग, मतदान आयु, सेवा की आयु सीमा और सेवा निवृत्ति, वरिष्ठ नागरिकता आदि।

इस तरह हर नागरिक की पहचान संख्‍या सरलतम और विशिष्टतम होनी ही चाहिए। इस दृष्टि से व्यक्ति के जन्म का वर्ष, माह, दिनांक, समय (घंटा, मिनट और सेकंड) तथा इसके बाद सरल क्रमांक के तीन अंक और पंजीयन क्षेत्र का क्रमांक तीन अंक, इस प्रकार कुल 20 अंक, व्यक्ति की विशिष्ट पहचान संख्‍या होनी चाहिए। यानि 31 मार्च 2010 को शाम चार बजकर पैंतीस मिनट छत्तीस सेकंड पर पैदा होने वाले बच्चे की विशिष्ट पहचान संख्‍या होगी- 20100331163536। ठीक इसी वक्त पैदा होने वाले एकाधिक बच्चों के लिए पंजीयन क्रम में तीन अंकों में सरल क्रमांक दिया जा सकता है तथा इसके बाद पंजीयन क्षेत्र को तीन अंकों में दर्ज किया जा सकता है।

विशिष्ट पहचान संख्‍या का आधार यही होना चाहिए। इससे व्यक्ति द्वारा अपनी विशिष्ट संख्‍या को याद रखना आसान होगा। इसमें आवश्यकतानुसार तथा संभावित आंकड़ों को दृष्टिगत कर आंशिक परिवर्तन किया जा सकता है, जैसे जन्म के समय में सेकंड को छोड़ा जा सकता है और यह आगे चल कर वैश्विक स्तर पर भी स्वीकार और मान्य होगा, यह मानते हुए सरल क्रमांक के लिए चार अंक निर्धारित किए जा सकते हैं साथ ही पंजीयन क्षेत्र की संख्‍या को इसमें जोड़ने, न जोड़ने पर विचार किया जा सकता है। लेकिन जन्म के वर्ष, माह, तिथि, घंटा और मिनट के 12 अंक तो इसी प्रकार रखना होगा।


24 Responses to “भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDA) : अंकों में अस्तित्व, अस्मिता और पहचान”

  1. Dr.Manoj Mishra Says:

    सही कह रहे हैं.

  2. arvind mishra Says:

    अच्छी जानकारी दी है आपने ! मगर है यह बड़ा काम !

  3. समीर लाल Says:

    आभार जानकारी का..मुझे लगा था कि काम शुरु हो गया है यह!

  4. amar jyoti Says:

    रचनात्मक जानकारी और सुझाव।

  5. anil pusadkar Says:

    ये तो अभी से शुरू हो गया है।कालोनियों मे जाकर पूछिये सुब्रमणियम जी कंहा रह्ते है तो उधर से पूछा जाता है मकान नं बताईये,नाम से पता नही चल पायेगा?

  6. भारतीय नागरिक Says:

    कार्य ठीक है, लेकिन सुधार की बड़ी गुंजाईश थी…. आगे चलकर फिर खामियाजा उठाना पड़ेगा..

  7. ताऊ राम्पुरिया Says:

    यह जानना भी दिलचस्प रहा.

    रामराम.

  8. mamta Says:

    जब कार्ड बनना शुरू हो जाए तब समझिये।

  9. प्रवीण पाण्डेय Says:

    क्या कोई और पहचान हो सकती है ?

  10. Rahul Himself Says:

    सुब्रह्रमनियन सर, आप तो कमाल कर रहे हैं। मुझे नहीं लगता था कि इस सबका को पढ़ने में कोई इतनी रूचि लेगा और उत्‍साहवर्धक गंभीर वैचारिक टिप्‍पणी भी मिलेगी। आप और सभी टिप्‍पणीकारों के प्रति आभार।

  11. राज भाटिया Says:

    सुब्रह्रमनियन जी, मै इस हक मै हुं कि सब भारतियो का पहचान कार्ड बनाना चाहिये, ओर उन के कार्ड पर उन की उंगलियो के निशान भी जरुर होने चाहिये, इस से हम सब को बहुत लाभ होगा, देश को लाभ होगा, घुस पेटिये ओर आंताक वाद की रोक थाम मै यह कार गार होगा, किसी को चेक करना हो तो बस उस की जन्म तिथि काफ़ी होगी, पुरे युरोप मै हम सब के पास यह कार्ड हमेशा जेब मै रहता है, ओर पास ना होने पर ४० € जुर्मना भी होता है

  12. हिमांशु Says:

    महत्वपूर्ण और विशाल कार्य !
    आलेख सुन्दर है ! आभार ।

  13. anjana Says:

    इस जानकारी के लिए आप का आभार

  14. Alpana Says:

    राहुल सिंह जी सब से पहले इस सार्थक चिंतन के लिए बधाई.
    दूसरी बात विशिष्ट पहचान संख्‍या का जो आधार आप ने बताया है वह आसान तो होगा परन्तु ग्रामीण और दूर दराज वाले इलाकों में जहाँ अभी भी जनम का समय सही नोट नहीं किया जाता है..वहां के लिए अवश्य ही उतना व्यवहारिक न हो पाए.
    भारत में सब कुछ digital होने में अभी और समय लगेगा.
    मेरी याददाश्त से ‘नागरिक पहचान पत्र तो अब वहां भी सब के बने ही हुए हैं /बनने अनिवार्य हैं.

  15. - लावण्या Says:

    आयोजन महत्त्वपूर्ण है और आशान्विनत हूँ इसकी सफलता के लिए

  16. RAJ SINH Says:

    राज भाटिया जे से पूर्णतः सहमत .अल्पना जी की चिंता सही है .अमेरिका में भी सभी का सोसल सेक्युरिटी नंबर होता है और हर व्यावहारिक काम ,लेन देन सभी में अनिवार्य होता है .अगर लागू किया जाये तो भ्रष्टाचार पर अंकुश भी लगेगा .
    रहल जी को धन्यवाद !

  17. Asha Joglekar Says:

    बहुत अच्छी जानकारी । ये काम तो शुरु होचुका है न ।

  18. renu Says:

    namaskar
    aadi kal se hi hamari pahchan number ke madhyam se hi hai, jyotishachary bhi ganana hi karte hain , hum satyug ki aarmbhavastha se gujar rahe hain to nishchit roop se kuchh parivartan to honge hi.
    suna hai ki mahatma ji or aachary chandky ne bhi janm le liya hai to sab kuchh sambhav hai.

  19. अमेरिका से सावधान पुनश्च सात नागरिक सम्प्रभूता पर खबरदारी और ग्लोबल सरकार की तैयारी « Palashbiswaskl’s Says:

    […] भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDA … […]

  20. surendra singh Says:

    sir can i achive the uida in online

  21. surendra singh Says:

    so pls give me the susation of achiving of uida

  22. पा.ना. सुब्रमणियन Says:

    Dear Surendra,

    In every city, some banks and post offices are authorized to do the job. They are forming teams and move from one place to the other. You need to make local inquiries.

    ++++++++++++++++++++++++++++++++++
    Please visit my Indian History related blogs at:
    http://paliakara.blogspot.com (English)
    https://mallar.wordpress.com (Hindi)

  23. alok kashyap Says:

    enroiment no. 1207/00595/04943

  24. NAEEEM AHMED Says:

    tonk (Rajasthan) adarcade

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