ये जहाज़ है या कुछ और

कुछ ही माह पहले की बात है. हम लोग टी शर्ट आदि बनाने वाली फेक्टरी  देखने तिरुप्पूर  गए थे. यह भी बता दूँ की दुनिया भर के सभी प्रमुख ब्रेंड यहाँ बनकर निर्यात किये जाते हैं. वहां से वापस कोयम्बतूर लौट रहे थे. जब १०/१५ किलोमीटर बचा होगा, सड़क के बायीं तरफ दूर से ही कुछ पानी जहाज़ नुमा दिख रहा था. साथ में भतीजा  भी था. वह जोर जोर से चिल्लाया, देखो जहाज़, जहाज़. हमने उसे टोका और कहा, जहाज़ नहीं है बेटा, यहाँ कैसे आएगा. उसने झट जवाब दिया  सुनामी में आ लगा होगा. हमने फिर पूछा, तो समुद्र कहाँ है. बड़े भोलेपन से उसने कहा, समुद्र को सुनामी ले गया होगा न!

हमने कुछ कुछ अंतराल में तस्वीर  उतार लिए. नजदीक पहुँच कर गाडी भी रुकवाई और नज़दीक से भी तस्वीरें ले ली. वह वास्तव में मेरीन इन्जिनेअरिंग (कोयम्बतूर मेरीन कोलेज)   का  जहाज़ रुपी विशाल भवन था. बताया जाता है कि व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए इसमें पूरी व्यवस्थाएं (simulators) बनायीं गयी हैं.


27 Responses to “ये जहाज़ है या कुछ और”

  1. J C Joshi Says:

    हमारी ‘जीके’ बढाने के लिए धन्यवाद!

  2. विष्‍णु बैरागी Says:

    अब तक ‘जहाज यात्रा’ होती थी। आपने नई शुरुआत की है ‘ ‘जहाज दर्शन’ की। अभिनन्‍दन और हमें इसका भागीदार बनाने के लिए धन्‍यवाद।

  3. Isht Deo Sankrityaayant Says:

    दिलचस्प!!

  4. Bharat Bhushan Says:

    फोटो देख कर मैं भी चौंक गया था. अद्भुत तस्वीरें और नई जानकारी. आपको धन्यवाद.

  5. पूनम मिश्रा Says:

    अरे वाह ,यह तो खूबसूरत भी है और बहुत मौलिक इमारत है .धन्यवाद !

  6. sktyagi Says:

    आपके भतीजे की कोई खता नहीं… दूर से देख कर तो कोई बड़ा भी चक्कर में पड़ सकता है.

  7. pujaupadhyay Says:

    अद्भुत!! वाकई पहली बार दूर से देखने पर अचरज होगा की ये समंदर से दूर जहाज क्या कर रहा है🙂

  8. राहुल सिंह Says:

    आपको रायपुर शंकर नगर का बॉटल हाउस की याद दिला रहा हूं, कभी यह आपके पड़ोस जैसा था.

  9. Smart Indian - स्मार्ट इंडियन Says:

    अति सुन्दर!

  10. समीर लाल Says:

    पहली बर देखा और जाना इस भवन के बारे में..आभार!!

  11. arvind mishra Says:

    अरे वाह मस्त मस्तूल!

  12. Alpana Says:

    पहली बार जाना इस भवन के बारे में.बहुत ही सुन्दर लग रहा है.
    ——
    …समुद्र कहाँ है पूछने पर आप के भतीजे का यह जवाब बहुत पसंद आया कि समुद्र को सुनामी ले गया होगा न! ..:))
    बच्चे मन के सच्चे जो समझ में आया कह दिया..

  13. amar Says:

    रोचक जानकारी के लिए आभार.

  14. Gagan Sharma Says:

    सुंदर भवन है।

  15. प्रवीण पाण्डेय Says:

    दूर से तो सच में जहाज लग रहा है।

  16. induravisinghj Says:

    खूबसूरत तस्वीरें जहाजनुमा भवन की एवं दिलचस्प जानकारी…

  17. पा.ना. सुब्रमणियन Says:

    @राहुल जी:
    बोतल हाउस से ही तो हमारा दफ्तर भी लगा हुआ था. टीकमगढ़ में भी बियर की बोतलों से एक मयखाना राजशाही के समय का बना हुआ है.

  18. ताऊ रामपुरिया Says:

    बहुत सुंदर चित्र है, इसके बारे में जानकार बहुत अच्छा लगा. शुभकामनाएं.

    रामराम.

  19. ललित शर्मा Says:

    ह ह ह ह ऐसी कई इमारतें बनी हुई हैं, बढिया जानकारी है। बोतल हाऊस में बोतल के मजे ही कुछ और हैं।

  20. J C Joshi Says:

    बियर बोतल से बनी इमारतों के विषय में इन्टरनेट में विकिपीडिया में पढ़ा –

    The use of empty vessels in construction dates back at least to ancient Rome, where many structures used empty amphorae embedded in concrete. This was not done for aesthetic reasons, but to lighten the load of upper levels of structures, and also to reduce concrete usage. This technique was used for example in the Circus of Maxentius.
    It is believed that the first bottle house was constructed in 1902 by William F. Peck in Tonopah, Nevada. The house was built using 10,000 bottles of beer from Jhostetter’s Stomach Bitters which were 90% alcohol and 10% opium. The Peck house was demolished in the early 1980s…

    कृपया निम्नलिखित लिंक देखें –

    http://en.wikipedia.org/wiki/Bottle_wall

  21. dr manoj mishra Says:

    ज्ञानवर्धक ,सचित्र ,बढ़िया पोस्ट,आभार.

  22. indian citizen Says:

    bahut achchha banaya gaya hai..

  23. indian citizen Says:

    bahut sundar banaya gaya hai…

  24. braj kishor Says:

    लेख और तस्वीर दोनों सुन्दर हैं.अब मेरा आना शायद रेगुलर हो पाए. राहुल सर ने तरीका बताया है

  25. braj kishor Says:

    सर जी ,रोचक वर्णन से भरपूर .कोलकाता की प्रभा खेतान मैडम ने भी लिखा है कि भारत में मशहूर ब्रांड बनाए जाते हैं.

  26. Urmi Says:

    मैं काफी बार कोइम्बतुर जा चुकी हूँ और तिरुपुर भी पर इस जहाज के बारे में ज्ञान नहीं था! बहुत बढ़िया जानकारी मिली ! अद्भुत सुन्दर और अब अगली बार इंडिया जब जाऊँगी तब इस जहाज रूपी भवन ज़रूर देखूंगी !

  27. Indranil Bhattacharjee Says:

    बहुत अच्छी जानकारी है और साथ में तस्वीर भी खूबसूरत है … अच्छा लगा पढकर !

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