श्मशान शयनि

???????????????????????????????तमिलनाडु के पोल्लाचि शहर से लगभग 16 किलोमीटर दूर् आनमलै में (कोयम्बटूर से 60 किलोमीटर) एक देवी का भव्य मन्दिर है. नाम है मासानी अम्मन (मरघट की माता). मूलतः नाम मासान शयनि मिलता है जिसका अर्थ है श्मशान मॆं सोने वाली.  साधारणतया हम मन्दिर के गर्भ गृहमें प्रतिष्ठित मूर्ति को खड़ी या बैठी हुई स्थिति में ही देखते हैं परन्तु यहाँ इस मन्दिर में 15 फीट लंबी और चार हाथों वाली देवी की मूर्ति लेटी अवस्था में पायी जाती है. दो हाथ ऊपर उठे हुए हैं तो दो नीचे की तरफ़.  हाथों में त्रिशुल, डमरु, सर्प तथा मानव खोपड़ी लिए हुए है.
KONICA MINOLTA DIGITAL CAMERAयहाँ की देवी अत्यधिक शक्तिशाली मानी जाती है और हजारों लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए यहाँ आते हैं. मंगलवार और गुरुवार के दिन यहाँ भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है. मान्यता है कि यहाँ न्याय मिलता है. किसी के यहाँ चोरी हुई हो, व्यापार में हानि हुई हो, दुश्मनों के द्वारा परेशानी हो रही हो आदि सभी कष्टों से मुक्ति मिलने  के लिए मानो यह मन्दिर एक समाधान केन्द्र हो.  भक्त अपने साथ किलो दो किलो सूखी लाल मिर्च लेकर आते है. नहा धोकर भभूत लगा पूरी आस्था के साथ वहाँ पर रखे ओखली में पानी डाल कर पीसते है. पीसने के बाद पूर्व में तो मूर्ति पर ही लेप चढ़ाया जाता था परन्तु आजकल बाहर एक शिला बनी है (नीति कल्ल) उसपर ही लेप चढ़ा दिया जाता है.   कहते हैं कि जिस व्यक्ति के द्वारा कष्ट पहुँचा है उसे पीड़ा होती है और स्वयमेव ही वह् सुधर जाता है. जैसे अदालत में हम मामला दायर करते हैं वैसे ही यहाँ याचिका दायर की जा सकती है. अपनी समस्या और अनुरोध एक कागज पर लिख कर पुजारी को देना होता है जो आपकी अर्जी को देवी के त्रिशुल के पास रख देता है. पूरी आस्था से दी हुई याचिका पर अनुकूल परिणाम 3 सप्ताह में ही मिलने की बात कही जाती है.
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Neethikallu
Masani ammanमन्दिर के इतिहास के बारे में तो कोई ख़ास जानकारी नहीं मिलती परन्तु गर्भ गृह बिलकुल आधुनिक लगता है. मूर्ति को भी पेंट कर रखा है, संभव है कि पुराने मन्दिर का विस्तार कर आधुनिक स्वरूप दे दिया गया हो.  प्रवेश द्वार (गोपुरम) निर्विवाद रुप से  दक्षिण भारतीय शैली की है. मेरा तो अनुमान है कि यह मन्दिर कोई 250/300 वर्ष पुराना रहा होगा हालाँकि कहानियाँ तो उसे ईसा पूर्व पहुँचाने की क्षमता रखती है. अब जब कहानियों कि बात आयी तो सबसे अधिक प्रचलित मिथक कुछ इस प्रकार है.
सदियों पहले वहाँ नन्नन नाम का  एक स्थानीय शासक हुआ करता था. वहाँ के अलियर नदी के तट पर उसका एक विशाल आम का बगीचा था. उसके बगीचे से आम तोड़ने पर सख्त पाबंदी थी और निगाह रखने के लिए पहरेदार नियुक्त किए गए थे. आम चुराने वाले या चुराने की कोशिश करने वाले के लिए मृत्यु दंड निर्धारित था.
एक दिन की बात है. कुछ कन्याये नदी में नहाने के लिए आयीं. एक कन्या ने देखा कि एक आम बहते हुए आ रहा है. कन्या ने झट तैरकर आम को हथिया लिया और खाने लगी. ऊपर से पहरेदार ने यह देख् लिया और कन्या को पकड़कर स्थानीय शासक के पास ले गया जहाँ कन्या ने अपनी सफाई भी दी. कहा कि उसने चोरी नहीं की थी. आम तो बहते हुए नदी में आ रहा था. परन्तु उसकी एक नहीं सुनी गयी और मृत्यु दंड का फ़ैसला सुना दिया गया. लड़की का पिता कोई समृद्ध व्यक्ति था. उसने भी मिन्नत की और अपनी पुत्री के वजन के बराबर सोने का आम बनवा कर देने तथा साथ में 81 हाथियों को भेंट स्वरूप देने की पेशकश की. शासक बदा अड़ियल था. उसने एक नहीं सुनी और लड़की को सूली पर चढवा दिया.
इस घटना से लड़की के परिजन आग बबूला हुए और एक सेना संघठित कर स्थानीय शासक को युद्ध में ना केवल हराया बल्कि उसे मार गिराया. उधर गाँव वालों ने लड़की के मृत देह को श्मशान में दफना दिया. कुछ समय पश्चात उसी जगह एक विशालकाय मूर्ति गढ़ी गयी जिसे वहाँ लिटा दिया गया. अब क्योंकि मूर्ति बना दी गयी  तो पूजा भी होनी ही थी.आगे चलकर वहाँ एक मन्दिर बन गया जो अब विशाल हो चला है. अब तो मासानी अम्मन को एक जाग्रुत देवी के रुप में जाना जाने लगा है.
हमने भी वहाँ एक याचिका लगा रखीं है. शायद श्रद्धा में कुछ कमी रह गयी होगी अन्यथा अब तक तो उपकृत हो गए होते.

19 Responses to “श्मशान शयनि”

  1. arvind mishra Says:

    इंतज़ार करिए देवी के घर में देर भले हो अंधेर नहीं होनी -वे वक्त तक न्याय देने वाली मसानी देवि हैं

  2. राहुल सिंह Says:

    हम तो आपके माध्‍यम से दर्शन पाकर, श्रवण-पठन कर धन्‍य हुए.

  3. प्रवीण पाण्डेय Says:

    रोचक कहानी…ऐसे प्रतिमा कहीं देखी भी नहीं..

  4. sanjaybenganis Says:

    अजब है भारत देश. ना-ना प्रकार की कथाएं व मन्दीर पग पग पर मिलते है🙂

  5. ताऊ रामपुरिया Says:

    बहुत उम्दा जानकारी मिली, बहुत आभार आपका.

    रामराम.

  6. Kajal Kumar Says:

    भारत आस्थाआें को देश है

  7. Gagan Sharma Says:

    कभी मौका मिला तो जरूर जाना चाहूंगा।

  8. विष्णु बैरागी Says:

    रोचक और अनूठी जानकारी है यह। अब तक न सुनी,न देखी।

  9. ramakant singh Says:

    बनारस में स्थित हनुमान जी की मूर्ति भी लेती अवस्था में है .

  10. भारतीय नागरिक Says:

    भारत की संस्कृति अतुलनीय है..

  11. manuprakashtyagi Says:

    अदभुत जगह के बारे में पता चला

  12. Alpana Says:

    पहली बार इन देवी का नाम सुना और इस स्थान के बारे में जानकारी मिली.

    दो किलो मिर्च एक भक्त तो…अर्थ है … कई सारे भक्त कई किलो मिर्चें वहाँ चढती होंगी….जहाँ रखी/चढाई जाती होंगी वहाँ के पूरे वातावरण में मिर्चों की गंध और धसक नहीं होती होगी??//चढावे में मिर्चें ही क्यों ?मिर्चों से वहाँ नकारात्मक ऊर्जा को दूर किया जाता हो..ऐसा कोई टोटका तो नहीं है.
    जो भी हो बेहद रोचक स्थान लगा.

  13. Alpana Says:

    Reblogged this on Alpz2009's Blog.

  14. rajesh komar singh Says:

    रोचक एवम ज्ञानवर्धक.कुशीनगर में बुद्ध भी लेटी अवस्था में हैं .

  15. Vivek Rastogi Says:

    वाह मिर्च चढ़ाने वाली देवी ।

  16. udantashtari Says:

    उम्दा!!

  17. Smart Indian- अनुराग शर्मा Says:

    मार्मिक कथा है। जानकारी और चित्रों के लिए धन्यवाद!

  18. Abhishek Mishra Says:

    आस्था और श्रद्धा का अनूठा मेल…

  19. पथिक Says:

    कन्या के पिता के प्रतिशोध से सत्तापरिवर्तन की कहानी पहली बार सुनी। आभार

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