श्री फल

Coconut

बाज़ार में घूमते हुए एक जगह बहुत सारे दो फांक में  फोड़े गए नारियल रखे दिखे.  इसमें अश्चर्य की तो कोई बात नहीं है परन्तु वे सभी अंकुरण की स्थिति में पहुँच चुके थे और अन्दर एक स्पंज जैसा  गोला बना हुआ था. पता चला कि स्वादिष्ट और पौष्टिक होने के कारण इसे लोग चाव से खाते हैं.  इस बात की जानकारी हमें तो नहीं थी. हमलोग उसे खाने योग्य नहीं मानते थे या यों कहें कि कभी कोशिश नहीं की. लेकिन अब समझ में आ गया है कि यह गोला यदि पीला हो चला हो तो वह् जहरीली होती है.

???????????????????????????????

Coconut2

Coconut3

???????????????????????????????

हमारे घर में भी 60/65 नारियल के पेड़ हैं और कभी कभी  परिपक्व हो चले नारियल के अन्दर एक गुठली सी पायी जाती है जिसे हम लोग निकाल कर फेंक देते थे.  यही गुठली आगे चलकर बड़ी हो जाती है और अन्दर के पानी और गूदे को स्व्यं हड़प लेती है.  गर्मियों के दिन सब ने नारियल पानी पी ही होगी. यह नारियल भले दिखने में बड़ा हो, अपने शैशव अवस्था में होता है.  इनमें लगभग 1 लीटर तक मीठा पानी हो सकता है. पीने के अलावा इस पानी का प्रयोग कई जगह रोगियों को ड्रिप चढ़ाने के लिए भी किया जाता है.  अन्दर सफेद मलाई जैसी परत रहती है जो खाने में स्वादिष्ट होता है.  जैसे जैसे पेड़ पर समय बीतता जाता है, अन्दर का मलाईदार हिस्सा ठोस होता जाता है और पानी भी कम हो जाता है.  साधारणतया ऐसी ही अवस्था में पेड़ पर से  नारियलों को छांट कर तोड़ा लिया जाता है. कई राज्यों में लोग सब्जी, पकवान आदि में नारियल के सफेद कडे हिस्से (गिरी) का प्रयोग नित्य करते हैं.  हाँ उसे कीसना पड़ता है. जब नारियल को दो हिस्से में फोड कर धूप में सुखाया जाता है तो उसका खोपरा निकल आता है जिससे तेल बनता है. घरों में शुद्ध तेल निकालने की एक और विधि है. नारियल के अन्दर के सफेद भाग को निकाल कर निचोड़ा जाता है (कीसने के बाद). बिलकुल दूध की तरह गाढा सफेद  तरल पदार्थ प्राप्त होता है. इसे नारियल का दूध कहते हैं. इस दूध को कढ़ाई में गर्म किया जावे तो औंट कर तेल में बदल जाता है. यह तेल पूरी तरह शुद्ध होता है और स्वादिष्ट भी. दूध से तेल निकालने की एक तीसरी विधि भी  है. एक मशीनी प्रक्रिया से नारियल के दूध को मथा जाता है (सेण्ट्रिफ़्युस) जिससे दूध में से पानी अलग होकर केवल तेल ही बचा रहता है. इस प्रकार से प्राप्त तेल महँगी बिकती है नारियल के दूध का प्रयोग खीर बनाने में और मांसाहारी लोग मछली पकाने में करते हैं.

Coconut5

Coconut6

बूच निकले हुए नारियल को देखेंगे तो उसमें एक ध्रुव पर तीन आँखों जैसी बनी होती है. इन तीन आंखों में से एक नरम होता है और किसी नुकीली चीज से उस छेद को खोला जा सकता है और अन्दर का पानी भी निकाला जा सकता है.  पूरी तरह परिपक्व हो जाने की स्थति में इसी छिद्र से अंकुरित होता है. बचे हुए दो छेदों में से जड़ निकल आती है. पेड़ पर रहते हुए ही जब नारियाल का बूच वाला हिस्सा सूख जाता है तब अपने आप ही नारियल नीचे गिर पडता है. जमीन पर पडे पडे ही अंकुरित भी हो जाता है. कभी ऐसा भी होता है कि पेड़ पर रहते हुए ही अंकुरित  हो जावे.

ऐसी स्थितियाँ आजकल बन गयीं हैं क्योंकि पेड़ों पर चढने वालों की बड़ी कमी है. बगीचे में काम करने वाले भी नहीं मिलते. यदि भूले भटके कोई मिल भी गया तो प्रति पेड़ पर चढ़ने का 50 रुपये माँगते हैं. तोड़े गए नारियल और बूच आदि निकालने का मेह्नताना जोड़ा जाए तो पूरा मसला अलाभकारी हो जाता है.  स्थानीय श्रमिकों के अभाव की पूर्ति बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा तथा असम से भारी संख्या में आए हुए लोगों द्वारा हो चली है. परन्तु वर्तमान में उन्हें नारियल के पेड़ पर चढ़ना नहीं आता.

22 Responses to “श्री फल”

  1. sheila madan Says:

    सुंदर जान कारी
    काश हमे अमेरिका में मिलते

  2. माँ नत नमन Says:

    नारियल के विषय में सुंदर जानकारी
    धन्यवाद
    गुड्डो दादी शिकागो से

  3. ramakant singh Says:

    श्री फल की लाभकारी जानकारी के लिए आभार

  4. arvind mishra Says:

    अथ श्री श्रीफल कथा .. कभी सीताफल (?) पर भी गवेषणा हो जाय!

  5. ताऊ रामपुरिया Says:

    वाकई सुंदर जानकारी है, कुछ प्रश्न मन में उठे हैं, कृपया समाधान करें.

    रामराम.

  6. ताऊ रामपुरिया Says:

    अन्दर एक स्पंज जैसा गोला बना हुआ था. पता चला कि स्वादिष्ट और पौष्टिक होने के कारण इसे लोग चाव से खाते हैं.

    इस गोले को कभी देखा नही, क्या यह कुछ कोशिकाओं का कमाल है और वाकई हानिकारक होता है?

    रामराम.

  7. ताऊ रामपुरिया Says:

    इस पानी का प्रयोग कई जगह रोगियों को ड्रिप चढ़ाने के लिए भी किया जाता है.

    क्या वाकई ऐसा होता है? और क्या यह सुरक्षित है और डाक्टर्स का इस पर क्या कहना है? क्योंकि यह बात हजम नही हो रही है कि नारियल के पानी को सीधे ड्रिप द्वारा खून में चढाया जा सकता है?

    रामराम.

  8. पा.ना. सुब्रमणियन Says:

    @ ताऊ: नारियल बीज ही तो है. अंकुरित होने की यह उसकी प्रक्रिया है. गहरे पीले रंग का हो गया हो तो हानिकारक है अन्यथा पौष्टिक. नारियल पानी ड्रिप के लिए सर्वथा उपयुक्त है और डाक्टरों द्वारा सम्मत.

  9. akaltara Says:

    जमाने के साथ बौने पेड़ और फल तोड़ने के लिए मशीन शीघ्र संभाव्‍य.

  10. पा.ना. सुब्रमणियन Says:

    @ राहुल जी: बौने पेड अब प्रचलन में हैं. 150 रुपये की दर से दस पेड हमने भी पिछली बार खरीदे थे. मशीने भी हैं परन्तु उनकी उपयोगिता बड़े बागानों में है.

  11. प्रवीण पाण्डेय Says:

    बिल्कुल नयी जानकारी, कभी नहीं देखा।

  12. Gagan Sharma Says:

    gyanwardhak jankari

  13. sanjay @ mo sam kaun Says:

    सच में श्रीफ़ल ही है यह, हर अवयव उपयोगी जो होता है। संस्कृत के एक श्लोक में तो सज्जन की उपमा नारियल से की गई है, बाहर से कठोर लेकिन भीतर से मृदु भी और लाभकारी भी।

  14. Alpana Says:

    बड़ी अच्छी जानकारी है.
    साथ ही यह चिंता का विषय है कि पेड़ पर चढने की कला जानने वालों की कमी के कारण यह फ़ल पेड़ पर लगा रह जाता है.
    *****ड्रिप के लिए नारियल पानी का प्रयोग पहली बार सुना.***
    .——-
    अंकुरित नारियल का बीज गर्भवती स्त्री अगर तीसरे महीने की समाप्ति पर खाए और खाते समय जिसकी तस्वीर देखते हुए उस बीज को निगले तो ..होने वाला बच्चा उसी सूरत का होता है जिस तस्वीर को देखा गया है.]
    [[..ऐसा मैं ने सुना है..]] :)…

  15. विष्णु बैरागी Says:

    सर्वथा नई जानकारी।

  16. ताऊ रामपुरिया Says:

    यह जानकर आश्चर्य भी हुआ और आप कह रहे हैं इसलिये विश्वास भी हुआ कि नारियल पानी सीधे खून में चढाया जाता है, जानकारी के लिये आभार.

    रामराम.

  17. पा.ना. सुब्रमणियन Says:

    मैंने डाक्टरों से ही सुन रखा था आपकी शंकाओं के कारण आज नेट पर ढूंडा विकी में भी मिल गया और एक दूसरी जगह भी जो कहता है Coconut water can be used for a variety of medical purposes, one of which is intravenous rehydration.

  18. Smart Indian - अनुराग शर्मा Says:

    बीज से पहचान थी लेकिन यह आलेख तो जानकारियों की खान है और उस पर ये चित्र, लाजवाब!

  19. indian citizen Says:

    नारियल तो बेहद लाभदायक है.

  20. बी एस पाबला Says:

    नवीन जानकारी
    आभार

  21. Prabhat Kumar Singh Says:

    Is dafe aapke yahan ke shrifal bagano me shram karne ‘SHRIPUR’ ke majdoor bhi gaye the. Vo bata rahe the vahan roj 200/- ki dar se kamai hoti hai.Assam ke bad chhattisgarh bhi jod lijiye.

  22. Beena S Says:

    Kochi ke nariyal vikas board nariyel ped per chadhne ka prashikshan deta hai, mchine ke jariye. board ke karyalay chattisgarh, chennai, sikanderabad, pitappally, kolkatta, patna, guwahati aur agarthala mein hain. aap chahe to coconut developoment board, kochi-11 se contact kar sakte hain.

    Beena

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s


%d bloggers like this: